मौसम का डबल अटैक: दक्षिण में बारिश का साया, जानें अगले 3 दिनों का हाल
किसान भाइयों, जनवरी का महीना अब अपने तीखे तेवर दिखाने लगा है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में ठंड ने इस बार सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। मौसम विशेषज्ञ देवेंद्र त्रिपाठी के अनुसार, पंजाब के अमृतसर और राजस्थान के गंगानगर में कड़ाके की शीत लहर चल रही है, जहाँ दिन का तापमान भी गिरकर 8-9 डिग्री तक पहुँच गया है। राजस्थान के पिलानी और सीकर जैसे इलाकों में तो पारा शून्य के करीब (1.2 से 1.7 डिग्री) जा पहुँचा है। पहाड़ों की बर्फीली हवाओं ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के हमारे किसान भाइयों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जिससे फसलों पर पाला पड़ने का खतरा भी बढ़ गया है।
दोस्तो, अगले तीन दिनों यानी 11, 12 और 13 जनवरी के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो अलग रूप देखने को मिलेंगे। देवेंद्र त्रिपाठी जी बताते हैं कि जहाँ उत्तर भारत कोहरे और ठिठुरन से जूझ रहा है, वहीं दक्षिण भारत और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बादलों ने डेरा डालना शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र के नासिक, धुले, जलगांव और विदर्भ के कुछ इलाकों में बादलों की आवाजाही रहेगी। इसके साथ ही कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है, जिससे वहाँ के मौसम में नमी बढ़ सकती है।
मेरे किसान भाइयों, एक राहत की खबर यह है कि 13 जनवरी के आसपास हवाओं की रफ्तार बढ़ने वाली है। इससे आसमान में जमा धुंध और प्रदूषण छंटने की उम्मीद है। मकर संक्रांति से ठीक पहले आसमान साफ होने से कड़ाके की धूप निकल सकती है, जो फसलों और आम जनजीवन के लिए काफी सुकून भरी होगी। हालांकि, उत्तर भारत के राज्यों में रात का तापमान अभी भी काफी कम रहेगा, इसलिए आपको अपनी सेहत और पशुओं का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
कुल मिलाकर दोस्तो, देश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में फिलहाल ठंड से बहुत बड़ी राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। पूर्वी भारत के बिहार और झारखंड में भी सर्द हवाओं का दौर जारी रहेगा। अगर आप अपनी फसलों में सिंचाई या स्प्रे की योजना बना रहे हैं, तो आने वाले 72 घंटों के मौसम को ध्यान में रखकर ही कोई कदम उठाएं। प्रकृति के इस बदलते मिजाज के बीच सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।